Wednesday, 16 August 2017

मुश्किल से हुआ करते हैं बस रोटी के दर्शन
बच्चों ने हमारे कभी मख्खन नही देखा
माहिर निज़ामी मुंबई
.....जिंदगी का यह हुनर भी ,आजमाना चाहिए......
.......जंग किसी अपने से हो, तो हार जाना चाहिए.....
कांति गंगवार

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