Wednesday, 30 March 2016

अजीब शख़्स है नाराज़ होके हंसता है

मैं चाहता हूँ ख़फ़ा हो तो वो ख़फ़ा ही लगे |


- बशीर बद्र

Tuesday, 29 March 2016

सलीक़ा हो अगर भीगी हुई आँखों को पढने का,

तो फिर बहते हुए आंसू भी अक्सर बात करते हैं।


-अन्नु चतुर्वेदी की फेसबुक वॉल से
मै नासमझ ही सही,मगर वो तारा हूं जो,
तेरी इक ख्वाहिश के लिए सौबार टूट जांऊगा।
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     जा दिखा दुनिया को, मुझको क्या दिखाता है गुरूर.

      तू समंदर हो तो हो , मैं तो मगर प्यासा नहीं|

-अफसोस कि हमने भी,ख्वाब सजाए थे
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कहने को फसाने हैं, सुनने को बहाने हैं।
-रविंद्र श्रीवास्तव की फेसबुक वॉल  से

Friday, 11 March 2016

पूछकर मेरा पता बदनामियाँ मत मोल ले ,
ख़त किसी फूटपाथ पर रख दे,मिल जायेगा l
nishant sharma ki facebook wal se
उलझे हैं इस दौर में हालत इस कदर ।
हर घर में हो गई है बगावत का क्या करें ॥
@ वीरेंद्र पुष्पक

Monday, 22 February 2016

इसीलिये तो बच्चों पे नूर सा बरसता है ..
शरारते तो करते है , साज़िशें नहीं करते ..।।


हेमंत शर्मा की फेसबुुक  बॉल से

Sunday, 21 February 2016

जलने वालो की दुआ से ही बरकत है.
 वरना़ अपना कहने वाले लोग तो याद भी नहीं करते।।
- नीरू चौहान की फेसबुक वाल से