Thursday, 28 April 2016

कहो या ना कहो दिल में तुम्हारे लाख बातें हैं,

कि इस दुनिया में तुमको हम से बेहतर कौन समझेगा। 


रविन्द्र श्रीवास्तव की  फेस बुक  वाल से 

Thursday, 21 April 2016

फूल से आशिक़ी का हुनर सीख ले

फूल से आशिक़ी का हुनर सीख ले,

तितलियाँ ख़ुद रुकेंगी सदायें न दे.

....
अब किसे चाहें किसे ढूँढा करें, 
वो भी आख़िर मिल गया अब क्या करें.

सहर का ....

सहर का वक्त है और जाम मे शराब नही ,

यह आफताब का धोखा है आफताब नही । 
हमारे आते ही शीशे उठाऐ महफिल से,
हम पना खुन पियेगे , अगर शराब नही
सेहर का -------
हमारे आने से कासिद कयो मुँह बनाता है

नजर खराब सही , आदमी खराब नही
सेहर का वक्त है और जाम मे शराब नही ---------@


विनीता साराभाई  की फ़ेसबुक  वाल से 
खुशी के बाद खुशी की तरफ नही देखा,
तुम्हारे बाद किसी की तरफ नही देखा।
मै जानता था तेरा इंतजार लाजिम है,
तमाम उम्र घड़ी की तरफ नही देखा।