Thursday, 10 December 2015

रतजगा अच्छा लगा


रात भर कहता रहा मैं याद में तेरी ग़ज़ल,

मुझको कल की रात भर का रतजगा अच्छा लगा |
- मदन शर्मा

दिल की बात किसी से मत कहना

भूल कर भी अपने दिल की बात किसी से मत कहना,

यहाँ कागज भी जरा सी देर में अखबार बन जाता है....

के विश्वदेव  राव की  फेस बूक वाल से